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• पुलिस उप आयुक्त संदीप जाधव ने कार्यवाही का दिया आदेश..
• पेड कटाई पर शीघ्र कार्यवाही न करनेवाले पुलिस सब इम्पेक्टर श्रीमती अमृता देशमुख एव पुलिस सब इम्पेक्टर प्रफुल मासाळ पर कार्यवाही के लिये DCP ZONE 11 से सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने की कारवाई की मांग..
Malvani News: मालाड पश्चिम परिसर में भूमाफियाओं द्वारा हो रही अवैध पेड़ कटाई के खिलाफ प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। पुलिस उपायुक्त (DCP) संदीप जाधव ने तत्काल कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए कटिबद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने DCP जोन 11 से मुलाकात कर धीमी जांच पर सवाल उठाए और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मालाड पश्चिम के मालवणी, राठोडी, मालवणी चर्च, चिकुवाड़ी और मढ क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की खबरें गरमाती जा रही हैं। भूमाफिया आर्थिक लाभ के लिए निर्दोष वृक्षों की ‘हत्या’ कर अवैध निर्माण और झोपड़ियां बसाने का काम कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण का भारी नुकसान हो रहा है। कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने इसे ‘प्रशासन की मिलीभगत’ का परिणाम बताते हुए कड़ी निंदा की है।
प्रक्रिया में देरी, कार्यकर्ता ने जताया रोष
बागुल ने बताया कि पेड़ कटाई की शिकायत सबसे पहले नगर निगम को दी जाती है। उसके बाद गार्डन विभाग के अधिकारी जांच कर दस्तावेज पुलिस थाने भेजते हैं। लेकिन थाने में जांच में ही 2 महीने लग जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति फॉलोअप न करे, तो मामला ठंडा पड़ जाता है। पुलिस जांच के बाद अदालत से अनुमति लेकर सालों बाद ही FIR दर्ज होती है।
“सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत आधे घंटे में कार्रवाई संभव है, तो पेड़ों के हत्यारों पर इतनी देरी क्यों?” बागुल ने पुलिस की धीमी गति पर रोष जताते हुए कहा। उन्होंने मालवणी क्षेत्र में धीमी जांच के लिए पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) अमृता देशमुख और PSI प्रफुल मासाळ के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की।
DCP से मुलाकात, मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया
आज सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने DCP जोन 11 संदीप जाधव से मुलाकात की। उन्होंने सेवा का अधिकार कानून के तहत त्वरित FIR दर्ज करने और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग रखी। DCP जाधव ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। बागुल ने बताया कि भूमाफियाओं की खैर नहीं बचेगी और दोषी अधिकारियों पर भी सख्ती होगी।
पर्यावरण के लिए खतरा, जन जागरूकता जरूरी
यह घटना मुंबई के बढ़ते शहरीकरण और पर्यावरण विनाश की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से न केवल हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि जलवायु परिवर्तन का खतरा भी बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनसंख्या वृद्धि के नाम पर हो रहा यह अवैध निर्माण शहर की हरी पट्टी को नष्ट कर रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल जैसे निडर पर्यावरण प्रेमियों की मालाड को सख्त जरूरत है। उनकी यह लड़ाई न केवल पेड़ों के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय नागरिकों से अपील है कि ऐसी शिकायतों पर तुरंत आवाज उठाएं और प्रशासन को सतर्क रखें।
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