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भारत के वाणिज्यिक रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी एक अहम रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में देश के 8 प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मांग में करीब 25 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह रिपोर्ट 5 जनवरी 2026 को जारी की गई, जिसमें पूरे कैलेंडर वर्ष 2025 (1 जनवरी से 31 दिसंबर) के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची नेट ऑफिस लीजिंग
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में शीर्ष 8 शहरों में नेट ऑफिस लीजिंग (नेट एब्जॉर्प्शन) लगभग 6.14 करोड़ वर्ग फुट तक पहुंच गई। यह आंकड़ा 2024 की तुलना में करीब 25% अधिक है। नेट एब्जॉर्प्शन से तात्पर्य उस ऑफिस स्पेस से है, जिसे वास्तव में कंपनियों ने लीज पर लेकर इस्तेमाल करना शुरू किया—जो वास्तविक मांग को दर्शाता है।
मुंबई और हैदराबाद सबसे आगे
इस बढ़ती मांग में मुंबई और हैदराबाद प्रमुख रूप से आगे रहे।
- मुंबई में प्रीमियम ऑफिस स्पेस की उपलब्धता सीमित होने के कारण किराए में मजबूती देखने को मिली।
- हैदराबाद में आईटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के विस्तार से ऑफिस स्पेस की मांग में लगातार इजाफा हुआ।
मांग बढ़ने के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ने के पीछे कई कारण रहे—
- आईटी, फाइनेंस और कंसल्टिंग सेक्टर में नए हायरिंग और विस्तार
- बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा GCCs का विस्तार
- हाइब्रिड वर्क मॉडल के बावजूद ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की बढ़ती जरूरत
रियल एस्टेट सेक्टर को मिला मजबूत संकेत
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑफिस स्पेस की यह मजबूत मांग भारतीय अर्थव्यवस्था में कॉरपोरेट विश्वास और रोजगार सृजन की सकारात्मक तस्वीर पेश करती है। साथ ही, 2026 में भी ऑफिस रियल एस्टेट बाजार के मजबूत बने रहने की उम्मीद जताई गई है।