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वाराणसी

धान की सीधी बुआई- जल संरक्षण के साथ समय व श्रम की बचत

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किसान पाठशाला में धान की सीधी बुआई की सलाह

चौबेपुर/वाराणसी/संसद वाणी :
कृषि विभाग के तत्वावधान में संचालित हो रही किसान पाठशाला शुक्रवार को क्षेत्र के भगवानपुर खुर्द गांव में आयोजित की गयी।यहां किसानों को धान की रोपाई करने की बजाय धान की सीधी बुआई (डीएसआर विधि) अपनाने की सलाह दी गयी।मास्टर ट्रेनर /खण्ड तकनीकी प्रबंधक देवमणि त्रिपाठी ने किसानों को बताया कि धान की सीधी बुआई से पानी की लगभग पचास फीसदी बचत के ही साथ समय व श्रम की भी बचत होती है।इस विधि में धान की नर्सरी तैयार करने एवं रोपाई के लिए पलेवा करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इस विधि में अधिक पैदावार व सूखा सहन करने वाली प्रजातियों की बुआई की जाती है।धान की सीधी बुआई किसान सीडड्रिल अथवा छिटकवां विधि से भी कर सकते हैं।


किसान पाठशाला का शुभारंभ करते हुए ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव ने किसानों से आधुनिक खेती अपनाने की सलाह दी।उप कृषि निदेशक अखिलेश कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित किसान पाठशाला में खरीफ फसलोत्पादन,तिलहन,दलहन की खेती के साथ ही प्राकृतिक खेती के सिद्धांत,कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गयी।


प्रगतिशील किसान श्रवण कुमार मिश्रा व राकेश यादव ने आधुनिक खेती के अपने अनुभव को किसानों के बीच साझा किया।इस दौरान फूलचंद पाल,सुनीता रंजना,सिधारी यादव सहित भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
इसी क्रम में उगापुर में पंकज भास्कर,कौआपुर गांव में नीतीश कुमार व भभियार गांव में सुभाष झा ने किसान पाठशाला का संचालन किया।

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