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स्कूल की बच्चियां भी नहीं सुरक्षित, महाराष्ट्र में 4 साल की 2 बच्चियों के साथ हैवानियत!

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Maharashtra Crime News: महाराष्ट्र के ठाणे के एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में कथित तौर पर 4 साल की दो बच्चियों का सफाई कर्मी ने यौन शोषण किया. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक बच्ची ने अपने दादा से इस घटना को शेयर किया. फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

Maharashtra Crime News: महाराष्ट्र के ठाणे में 4 साल की दो बच्चियों के साथ स्कूल के सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर यौन शोषण किया. देश के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार की ऐसी खबरें पिछले कुछ दिनों से अखबार की हेडलाइन बन रही हैं. कोलकाता डॉक्टर रेप और मर्डर केस के बाद से इस तरह की ऐसी कई खबरे सामने आ चुकी हैं, जिसमें महिलाओ और बच्चियों के साथ यौन शोषण किया गया है. ठाणे जिले से आई इस खबर ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्कूल जिसे शिक्षा का मंदिर कहा जाता है. शिक्षालय को सबसे पवित्र और सुरक्षित स्थान माना जाता है लेकिन यहां भी हैवानियत ने अपनी जगह बना ली है. 2 बच्चियों के साथ कथित तौर पर हुए यौन शोषण के मामले ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है. सवाल खड़े हो रहें कि क्या स्कूलों में भी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं.

24 वर्षीय आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया. बच्चियों के माता-पिता ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के 12 घंटे से अधिक समय बाद FIR दर्ज की गई. पैरेंट्स ने आरोप लगाया कि जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग के मामले में हस्तक्षेप करने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया. 

बच्चियों के साथ टॉयलेट में जाता था पुरुष सफाईकर्मी

इस घटना ने स्कूल प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं. 1 अगस्त को को पुरुष सफाईकर्मी की स्कूल में नियुक्ति हुई थी.  स्कूल प्रशासन ने पुरुष सफाईकर्मचारी को गर्ल्स वॉसरूम में उनके साथ जाने की अनुमति क्यों दी? यह सवाल पैरेंट्स द्वारा उठाया जा रहा है. 

बच्ची ने दादा को बताई सफाईकर्मी की करतूत

बच्ची ने अपने दादा को बताया कि स्कूल का सफाईकर्मचारी उसके और उसकी दोस्त के साथ गलत काम करता है. इसके बाद उस बच्ची के पैरेंट्स ने दूसरी बच्ची के परिजनो से बात की तो उन्होंने बताया कि उनकी बच्ची पता नहीं क्यों आजकल स्कूल जाने से डरती है. 

इसके बाद दोनों परिवार के परिजनों ने अपनी बच्चियों का मेडिकल चेकअप कराया. मेडिकल रिपोर्ट में बच्चियों के यौन शोषण की बात सच निकली. 

महिला एवं बाल विकास विभाग के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई FIR

इसके बाद दोनों पैरेंट्स MNS के एक लोकल लीडर के पास पहुंचे, जो उन्हें पुलिस स्टेशन ले गए. पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की बजाय दोनों परिवार को घंटों तक बैठाए रखा. पुलिस का कहना था कि पहले वह इन आरोपों को वेरिफाई करेंगे. पुलिस की एक टीम स्कूल पहुंचती है. स्कूल वालों ने बताया कि पिछले कई दिनों से सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहा है.  इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के हस्तक्षेप करने के बाद पुलिस ने पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार किया. 

पुलिस ने सरकारी अस्पताल में कराया बच्चियों का मेडिकल

पुलिस की टीम ने सरकारी अस्पताल में बच्चियों को मेडिकल कराया क्योंकि प्राइवेट अस्पताल का मेडिकल कोर्ट में मान्य नहीं होता. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार इस तरह के यौन शोषण मामले में आरोपी की प्राइवेसी को प्रोटेक्ट करने के लिए उसकी पहचान उजागर नहीं की गई है.

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