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नई दिल्ली, 8 मार्च 2026: भारत में बच्चों और किशोरों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर सरकार नए नियम बनाने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित नियमों के तहत बच्चों की उम्र के आधार पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर अलग-अलग प्रतिबंध या शर्तें लागू की जा सकती हैं, ताकि उनकी ऑनलाइन सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की बेहतर रक्षा की जा सके।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है और यह देखा जा रहा है कि किस उम्र के बच्चों के लिए किस तरह के नियम लागू किए जाएं। इस नीति का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ऑनलाइन जोखिम, गलत कंटेंट और डिजिटल लत से बचाना है।
16 साल से कम उम्र के बच्चों पर कड़े प्रतिबंध की चर्चा
हाल के दिनों में कई राज्यों और विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं। कर्नाटक सरकार ने भी अपने बजट में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे देशभर में इस विषय पर बहस तेज हो गई है।
इस प्रस्ताव के अनुसार, बच्चे मोबाइल फोन रख सकते हैं लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाने या सक्रिय उपयोग पर रोक लगाई जा सकती है। सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि ऐसे नियमों को स्कूलों, परिवारों और प्लेटफॉर्म स्तर पर कैसे लागू किया जाए।
क्यों जरूरी माने जा रहे हैं ये नियम
विशेषज्ञों और अभिभावक समूहों का कहना है कि बच्चों में बढ़ता स्क्रीन टाइम, ऑनलाइन बुलिंग, गलत कंटेंट और सोशल मीडिया की लत गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। कई अभिभावक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाए जाएं और उम्र की पुष्टि (age verification) जैसी व्यवस्था लागू की जाए।
दुनिया के कई देशों में भी बन रहे ऐसे कानून
भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में बच्चों के लिए सोशल मीडिया नियम कड़े किए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध या सख्त नियम लागू करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
आगे क्या हो सकता है
सरकार आने वाले समय में एक विस्तृत नीति या कानून का मसौदा ला सकती है, जिसमें उम्र के हिसाब से अलग-अलग नियम, प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी और अभिभावकों की भूमिका तय की जा सकती है। यदि यह नियम लागू होते हैं तो भारत में बच्चों के डिजिटल उपयोग के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।