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बढ रहीं हैं केजरीवाल की मुश्किलें, आबकारी नीति में अब लगा ये आरोप 

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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की याचिका का विरोध करते हुए अपने जवाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केजरीवाल और विनोद चौहान के बीच हुई बातचीत का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि चौहान ने केजरीवाल और वर्तमान न्यायाधीशों के बीच मीटिंग कराने की कोशिश की थी.

दिल्ली के सीएम केजरीवाल की मुश्किलें कम नहीं हो रहे हैं. आबकारी नीति मामले में कोर्ट ने केजरीवाल की जमानत याचिका खारिज कर दिया. मुख्यमंत्री की याचिका का विरोध करते हुए अपने जवाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केजरीवाल पर एक और आरोप लगाया है. केजरीवाल और  विनोद चौहान के बीच हुई बातचीत का हवाला देते हुए ई़़डी आरोप लगाया कि चौहान ने केजरीवाल और वर्तमान न्यायाधीशों के बीच बैठक कराने की कोशिश की थी.

दिल्ली की आबकारी नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को सीएम को गिरफ्तार किया था. उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से 21 दिनों की अंतरिम जमानत मिली थी. चुनाव नतीजों से पहले 2 जून को केजरीवाल ने आत्मसमर्पण किया. 

केजरीवाल के वकील ने मांगा समय

केजरीवाल ने इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की थीं. एक में आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नियमित जमानत की मांग की गई थी, और दूसरी में अंतरिम जमानत की मांग की गई थी. हालांकि उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई.  शुक्रवार को उनकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी गई, क्योंकि केजरीवाल के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने कहा कि ईडी ने उन्हें दोपहर में ही जवाब दिया था. हरिहरन ने कहा कि उन्हें ईडी का जवाब पढ़ने के लिए और समय चाहिए.

चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली से गोवा भेजे गए पैसे

जांच एजेंसी के अनुसार, विनोद चौहान कथित तौर पर दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग का प्रबंधन भी कर रहा था. केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि चौहान ने गोवा चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली से गोवा में 25.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए और उसका केजरीवाल के साथ बहुत करीबी रिश्ता था.

टालमटोल वाला जवाब दिया

एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल ने बार-बार अपने मोबाइल फोन का पासवर्ड बताने से इनकार किया और जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने पूरी तरह से टालमटोल वाला जवाब दिया. एजेंसी के अनुसार, सीएम पार्टी के 2022 के गोवा चुनाव अभियान में 45 करोड़ रुपये की बेनामी पैसे के उपयोग के लिए भी जिम्मेदार हैं.

आबकारी नीति मामले में AAP के कई नेता गिरफ्तार

बता दें कि ईडी ने पहले कहा था कि केजरीवाल दिल्ली की नई आबकारी नीति को बनाने में सीधे तौर पर शामिल थे. जिसका मसौदा दक्षिणी भारत के हिस्से के व्यक्तियों के एक समूह ‘साउथ ग्रुप’ को दिए जाने वाले फायदे को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था. ईडी ने कहना है कि लाभ पहुंचाने के लिए व्यपारियों ने आम आदमी पार्टी को 100 करोड़ रुपये दिए. इसी मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है.

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