आज, 26 नवंबर 2025 की दोपहर, बंगाल की खाड़ी और मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर मौसम का मिजाज भयानक हो चुका है। एक गहरा दबाव अब एक पूर्ण चक्रवाती तूफान में बदल गया है, जिसे ‘सेनयार’ नाम दिया गया है। ‘सेनयार’ का अर्थ है ‘शेर’— और इसका दहाड़ता हुआ असर भारत के तटीय राज्यों पर दिखाई देने लगा है।
जबकि इस तूफान ने आज सुबह इंडोनेशिया के तट को पार कर लिया है, इसका अप्रत्यक्ष और खतरनाक प्रभाव भारत के दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश और तटीय तबाही की चेतावनी लेकर आया है।
मौसम की भयावह स्थिति: पल-पल का अपडेट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि चक्रवाती तूफान ‘सेनयार’ मलक्का जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्र में बना हुआ है।
- तूफान का बनना: ‘सेनयार’ आज सुबह तक एक चक्रवाती तूफान बन चुका है। इसकी तीव्रता और समुद्री सतह का अनुकूल तापमान इसे लगातार खतरनाक बनाए हुए है।
- वर्तमान ट्रैक: यह तूफान अभी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और आज इंडोनेशियाई तट को पार कर रहा है। हालांकि, इसकी गति और दिशा में होने वाला मामूली बदलाव भी भारत के तटीय इलाकों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।
भारत के लिए ‘दोहरी मार’ का खतरा: क्यों रहें सावधान?
‘सेनयार’ भले ही सीधे लैंडफॉल न करे, लेकिन दोहरी मौसम प्रणाली भारत के तटीय क्षेत्रों में प्रलय ला सकती है:
- ‘सेनयार’ का अप्रत्यक्ष प्रभाव: तूफान के कारण हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी के आस-पास नमी का भयंकर जमाव हो रहा है, जिससे तटीय क्षेत्रों में तूफानी हवाओं और अति भारी बारिश की आशंका है।
- दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी का निम्न दबाव: एक और खतरनाक निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहा है, जिसके अगले 24 घंटों में दबाव (Depression) में बदलने की संभावना है। यह प्रणाली सीधे तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ सकती है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
चेतावनी: इन राज्यों में ‘बाढ़’ का आतंक!
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए अति गंभीर चेतावनी जारी की है। तटीय निवासी तुरंत सतर्क हो जाएं!
| राज्य/क्षेत्र | चेतावनी (26-30 नवंबर) | मुख्य खतरा |
| अंडमान और निकोबार | आज और कल भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट। | खतरनाक समुद्री लहरें और तेज हवाएँ। |
| तमिलनाडु | 28 से 30 नवंबर के बीच अति भारी बारिश की आशंका। | चेन्नई और डेल्टा जिलों में व्यापक जलजमाव, बाढ़। |
| आंध्र प्रदेश | 29 और 30 नवंबर को तटीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश। | तटीय जिलों में तबाही और तेज हवाएँ। |
| केरल | आज और कल (26-27 नवंबर) भारी बारिश जारी। | भूस्खलन का खतरा, जलभराव। |
चेतावनी: मछुआरों को बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
सावधान रहें। सतर्क रहें। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग सरकारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति के लिए तुरंत तैयारी करें।

