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इंदौर के ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में हुए भीषण अग्निकांड में अब एक नया मोड़ सामने आया है। जहां शुरूआती रिपोर्ट्स में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की चार्जिंग को आग का कारण बताया जा रहा था, वहीं हादसे में जिंदा बचे मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ पुगलिया ने EV चार्जिंग थ्योरी को साफ़ नकार दिया है।
घटना का बैकग्राउंड
इंदौर के ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में 18 मार्च की रात एक भीषण आग लगी जिसमें परिवार के 8 सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरूआती जानकारी के अनुसार पुलिस ने दावा किया था कि घर के बाहर EV कार के चार्जिंग पॉइंट से शुरू हुआ धमाका ही आग का जन्मदाता था।
सौरभ का हैरान कर देने वाला दावा
इसी बात के बीच, घर में मौजूद रहे और आग से बाल–बाल बचे सौरभ पुगलिया ने मीडिया को बताया कि जिस इलेक्ट्रिक कार को लेकर अफवाहें फैल रही हैं, वह हादसे की रात बिलकुल भी चार्जिंग पर नहीं लगी थी। उनका कहना है कि उस वक्त कार से कोई चार्जर जुड़ा ही नहीं था, ऐसे में चार्जिंग पॉइंट से धमाका या शॉर्ट सर्किट कैसे हो सकता था?
“घर की कार चार्ज नहीं हो रही थी”
सौरभ का दावा है कि परिवार हर रोज कार को चार्ज करता है, लेकिन उस दिन “किस्मत से” कार चार्जिंग पर नहीं लगाई गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आग की शुरुआत बिजली के खंभे या बिजली लाइन से हुई, न कि EV कार या उसके चार्जिंग पॉइंट से। वीडियो फुटेज और घटनास्थल की तस्वीरों के आधार पर वे यह भी दावा कर रहे हैं कि पहले बिजली के खंभे पर धमाका हुआ और फिर आग नीचे घर की ओर फैली।
पुलिस और परिवार के बयानों में अंतर
सौरभ के बयान के बाद पुलिस की शुरुआती थ्योरी और परिवार के बयानों में साफ मतभेद दिख रहे हैं। पुलिस ने शुरू में ही EV चार्जिंग पॉइंट को घटना का केंद्र बिंदु बताया था, जबकि अब जीवित बचे रिश्तेदार इस बात को निराधार बता रहे हैं। इस उलझन के बीच जांच एजेंसियों को अब बिजली लाइनों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और घर के आसपास की स्थिति की गहन जांच करनी पड़ेगी।