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झारखंड में मिला WWII का जिंदा बम: सनसनी फैली, सेना ने संभाली कमान

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झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में सुवर्णरेखा नदी किनारे अवैध बालू खनन के दौरान एक विशालकाय अमेरिकी बम मिलने से इलाके में दहशत मच गई। यह 227 किलोग्राम वजनी बम द्वितीय विश्व युद्ध (WWII) काल का बताया जा रहा है, जिसे जिंदा होने की पुष्टि के बाद भारतीय सेना को बुलाया गया।

घटना का विवरण

मंगलवार को बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपाड़ा-नगुडसाई क्षेत्र में मजदूर बालू खोद रहे थे, तभी मिट्टी के नीचे एक भारी धातु की वस्तु मिली। खुदाई पर यह गैस सिलेंडर जैसा दिखने वाला बम सामने आया, जिस पर ‘AN-M64 500 lb’ और ‘Made in America’ जैसे निशान अंकित हैं। बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने जांच कर इसे अत्यंत खतरनाक जिंदा बम घोषित किया।

प्रशासन की तत्परता

रांची से पहुंचे BDDS टीम के प्रभारी नंदकिशोर सिंह ने बताया कि बम सामान्य तरीके से निष्क्रिय नहीं किया जा सकता, इसलिए सेना की विशेषज्ञ इकाई को सौंपा गया। पूर्वी सिंहभूम SP ऋषव गर्ग ने इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षित अभियान शुरू किया। स्थानीय लोगों को हटाया गया और यातायात रोका गया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यह AN-M64 मॉडल का अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस (UXO) है, जो WWII के दौरान अमेरिका द्वारा निर्मित था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दशकों से नदी तट पर दबा था। यदि फटता, तो बड़े तबाही का कारण बन सकता था। ऐसी घटनाएं पुराने युद्ध क्षेत्रों में कभी-कभी सामने आती हैं।

आगे की कार्रवाई

सेना बम को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नियंत्रित विस्फोट से निष्क्रिय करेगी। प्रशासन ने अवैध खनन पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए। यह घटना स्थानीय सुरक्षा और ऐतिहासिक खोज पर चर्चा छेड़ रही है।

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