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बिहार की राजनीति में आज एक ऐसा महा-इवेंट होने जा रहा है, जो भारतीय राजनीतिक इतिहास में शायद ही दोहराया जाए! जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सर्वोच्च नेता, नीतीश कुमार, आज 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं।
यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि ‘सुशासन बाबू’ कहे जाने वाले नीतीश कुमार की उस राजनीतिक कलाकारी का प्रमाण है, जिसने उन्हें बार-बार सत्ता के शिखर पर बनाए रखा है—भले ही इसके लिए उन्हें गठबंधन के साथी बदलने पड़े हों!
पटना का हाई वोल्टेज ड्रामा
- क्या हो रहा है? नीतीश कुमार का दसवां शपथ ग्रहण!
- कब? आज, 20 नवंबर 2025।
- क्यों? हालिया राजनीतिक उलटफेर और सफल गठबंधन के बाद।
पटना का राजभवन आज किसी VVIP मीटिंग हब से कम नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार, इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के कई दिग्गज केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी पहुँच रहे हैं। यह VVIP जमावड़ा न केवल नीतीश कुमार के कद को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि बिहार का यह नया गठबंधन केंद्र की राजनीति के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
सियासी पंडित हैरान
नीतीश कुमार का यह दसवां शपथ ग्रहण उन्हें भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं की श्रेणी में खड़ा कर देगा, जिन्होंने सबसे लंबे समय तक और सबसे ज्यादा बार किसी राज्य का नेतृत्व किया है। राजनीतिक पंडित इसे ‘नीतीश मैजिक’ या ‘किंगमेकर से किंग’ बनने की कला बता रहे हैं। उनका हर बार एक नए समीकरण के साथ वापसी करना यह साबित करता है कि बिहार की कुर्सी का रिमोट कंट्रोल आज भी उन्हीं के हाथ में है!