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Saturday, July 13, 2024

वेल्डिंग करते समय भड़की चिंगारी और राख हुई जिंदगियां, देखें राजकोट गेमिंग जोन का CCTV फुटेज 

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Rajkot Gaming Zone Fire: राजकोट गेम जोन अग्निकांड मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. हाई कोर्ट में हादसे को लेकर आज सुनवाई हो सकती है.‌

गुजरात के राजकोट टीआरपी गेम जोन में आग लगने से 4 बच्चों समेत 28 से ज्यादा लोगों की मौत के दो दिन बाद सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. फुटेज में दिख रहा है कि वेल्डिंग करते समय आग से चिंगारी निकली, जिसने चंद मिनटों में सबकुछ रख कर दिया. पुलिस ने गेमिंग जोन के मालिक युवराज सिंह सोलंकी और उसके मैनेजर नितिन जैन को गैर इरादतन हत्या समेत विभिन्न आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है.

न्यूज एजेंसी PTI की ओर से पोस्ट किए गए 40 सेकंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि आखिर आग ने कैसे सब कुछ बर्बाद कर दिया. जब चिंगारी भड़की तो उसके आसपास तुरंत आग पकड़ने वाले सामान रखे गए थे. जैसे ही आग लगी, कई लोगों को ज्वलनशील पदार्थों को आग से दूर ले जाने की कोशिश करते देखा जा सकता है. 

नगर निगम से जरूरी फायर सेफ्टी मंजूरी नहीं थी

पुलिस के अनुसार, घटना के समय गेमिंग जोन के पास शहर के नगर निगम से आवश्यक फायर सेफ्टी मंजूरी नहीं थी. राजकोट के पुलिस आयुक्त (सीपी) राजू भार्गव ने कहा कि गेमिंग जोन के मालिकों ने अग्नि सुरक्षा उपकरणों के लिए पुलिस को बिल पेश किए थे और कैंपस में ऐसे उपकरण लगाने का दावा किया था, लेकिन जरूरी फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन पूरी नहीं हुई थी.

पुलिस ने गेमिंग जोन के मालिक युवराज सिंह सोलंकी और उसके मैनेजर नितिन जैन को गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है. चार अन्य आरोपियों के खिलाफ भी IPC की धारा 304 (हत्या की श्रेणी में न आने वाली गैर इरादतन हत्या), 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 337 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से चोट पहुंचाना), 338 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से गंभीर चोट पहुंचाना) और 114 (अपराध के समय उकसाने वाले की उपस्थिति) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने बताया कि चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

एसआईटी तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी

घटना के बाद राज्य सरकार ने इसकी जांच के लिए पांच सदस्यीय SIT का गठन किया. इस टीम में तकनीकी शिक्षा आयुक्त बीएन पाणि, गांधीनगर में फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक एचपी संघवी, अहमदाबाद में मुख्य अग्निशमन अधिकारी जेएन खड़िया और सड़क एवं भवन विभाग के अधीक्षण अभियंता एमबी देसाई शामिल हैं. टीम का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुभाष त्रिवेदी कर रहे हैं. रविवार को राजकोट में स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक के दौरान पांच सदस्यीय टीम को तीन दिनों के भीतर घटना की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश करने को कहा गया.

मृतकों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आज आ सकती है

राजकोट गेमजोन कांड में मृतकों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आज आ सकती है. इस डीएनए टेस्ट से यह राज खुलेगा कि मृतक किसका रिश्तेदार है. राजकोट अग्निकांड में कुछ लोग इस हद तक जल गए थे कि उनकी अब तक पहचान नहीं हो पाई है. इस बीच, पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. रिपोर्ट के अनुसार, 27 पीड़ितों में से 25 की पहचान हो चुकी है. कुल पीड़ितों में से कम से कम चार 12 साल से कम उम्र के बच्चे हैं. हालांकि, अभी तक केवल दो बच्चों की ही पहचान हो पाई है. 

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