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Monday, July 15, 2024

सौरभ मौर्या द्वारा साइबर क्राइम को रोकने के लिए किया गया स्टिंग।

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वाराणसी/संसद वाणी :आज के दौर में जहां जामताड़ा से साइबर क्राइम लगातार बढ़ रहा है, वही इस समय स्विस बैंक और रॉयल बैंक आफ स्कॉटलैंड के नाम से हिंदुस्तान में आरबीएस करेंसी द्वारा लोगों को करोड़ एवं अरबो रुपए अनसिक्योर्ड लोन के नाम से पैसा देकर लोगों के साथ ठगी की जा रही है। वाराणसी के वरिष्ठ समाजसेवी एवं 200 बार रक्तदान कर चुके सौरभ मौर्य ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कोलकाता से संचालित आरबीएस करेंसी के लिंक से लोगों को करोड़ों एवं अरबो रुपए का अनसिक्योर्ड लोन दिया जा रहा है और बदले में लोगों से मोटा पैसा मांगा जा रहा है। सौरभ मौर्य ने बताया कि 5 दिन पूर्व उन्हें जब इसकी सूचना मिली तब उनके टीम द्वारा गाजीपुर के रहने वाले चंदन तिवारी से संपर्क किया गया जो की उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों में लोगों के बुलाने पर उनके पास जाते हैं और आरबीएस करेंसी का लिंक द्वारा वॉलेट क्रिएट करके उनके वॉलेट में कम से कम 5 करोड रुपए से लेकर 100 करोड रुपए तक ट्रांसफर करते हैं और फिर वॉलेट से उनके निजी अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने के नाम पर 1% से 2% कमीशन एडवांस लेने की बात करते हैं, यही पैसा लोगों से लूट कर चंपत हो जाते हैं। सौरभ मौर्य ने बताया कि चंदन तिवारी द्वारा एक लिंक भेजा गया, जब उस लिंक को खोला गया तब उस पर उनका अपना वॉलेट बनाया गया, वॉलेट बनाने के बाद कुछ घंटे में ही 20 करोड रुपए उनके वॉलेट में आ गए एवं अगले दिन उस वॉलेट के पैसे को जब अकाउंट में ट्रांसफर करने की बारी आई तब चंदन तिवारी द्वारा एडवांस में 1% पैसा मांगा गया, जब हमने देने से मना कर दिया तब उसने एक परसेंट की बाद को खत्म कर कहा कि स्कॉटलैंड के बैंक से कागज मंगाना है, जिसका खर्चा आएगा 5 लाख कम से काम वही दे दीजिए, जिससे कि कागजी कार्रवाई एवं एग्रीमेंट वगैरा किया जा सके, हमने वह भी इनको नहीं दिए और जब बात बहस में बदली तब उनके पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित इसके चीफ बिपलब द्वारा मुझे आरबीआई गाइडलाइन समझाया गया क्योंकि आरबीएस करेंसी का जो लिंक है, वह एक थर्ड पार्टी एप्लीकेशन है, जो की वॉलेट में पैसा दिखाता है जो की एक समान शून्य के बराबर है और इसका आरबीआई से कोई लेना देना नहीं है, यह बात मेरे द्वारा जब कहीं गई तब उसने मेरा वॉलेट एवं मेरी टीम के अन्य लोगों का वॉलेट जो मेरे द्वारा खुलवाया गया था, वह सब उसने बंद कर दिया। सौरभ मौर्य ने यह भी बताया कि वाराणसी में कई लोगों से ₹500000 से लेकर 15 लाख रुपए तक यह ले चुके हैं एवं कई अन्य लोग इनके टारगेट पर अभी भी हैं। सौरभ मौर्या ने कहा कि उनके द्वारा इस पूरे मामले को X पर पोस्ट किया गया है, जहां डीजीपी कार्यालय से और गाजीपुर पुलिस से जवाब भी आया है और आज हमारे द्वारा साइबर सेल विभाग में भी इसकी सूचना दी गई है। सौरभ मौर्य ने सोशल मीडिया पर लोगों को जागरुक करते हुए एक वीडियो बनाकर भी साझा किया गया है, जिससे कि इस तरह के धोखाधड़ी से लोग बच सके।

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