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Mumbai News: महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। सामना नगर, मालवणी गेट नंबर 8 इलाके में फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव द्वारा संचालित अवैध पार्किंग और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई न करने का मामला तूल पकड़ रहा है। मीडिया का आरोप है कि म्हाडा के अधिकारी मकाने पिछले 20 दिनों से फेडरेशन के खिलाफ मालवणी पुलिस में FIR दर्ज कराने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन अब तक कोई पत्र जारी नहीं किया गया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या इन अधिकारियों और फेडरेशन के बीच कोई सौदा हुआ है?
आपको बता दे कि इन लापरवाह अधिकारियों के कारण सामना नगर मालवाणी गेट नं 8 पर अन्य सोसायटी ने भी अवैध कार्य करने की शुरुआत कर दी है, जिसकी पूरी जानकारी होते हुए भी म्हाडा के अधिकारी चुप चाप बैठे हुए हैं।
मालवणी ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी के सचिव और अध्यक्ष ने किसके अनुमति से दीवाल तोड़ कर पीछे दीवाल बना दिया है..?
अवैध गतिविधियों का खुलासा
म्हाडा के द्वारा नोटिस जारी करने के बाद यह साबित हो चुका है कि, फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध पार्किंग चला रहे थे। इस पार्किंग के चक्कर में पूरा रोड ब्लॉक हो जाता है, जिससे आपातकालीन वाहनों जैसे फायर ब्रिगेड की आवाजाही बाधित हो रही है। यदि किसी बिल्डिंग में आग लगी या कोई अन्य दुर्घटना हुई, तो जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, वाहन मालिकों से धोखाधड़ी कर पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। फिर भी म्हाडा के अधिकारी मकाने उन्हें बचाने में जुटे हैं।
म्हाडा अधिकारी द्वारा फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ नोटिस जारी..कार्रवाई शून्य..
निवासियों ने बताया कि ये अवैध निर्माण और पार्किंग लंबे समय से चली आ रही हैं। मीडिया द्वारा शिकायत करने पर भी कार्रवाई में देरी हुई। मीडिया के पास म्हाडा अधिकारी मकाने का कई ऑडियो रिकॉर्डिंग्स हैं, जिनमें वह बार-बार मकाने कहते सुनाई देते हैं, “सोमवार तक मालवणी पुलिस को FIR के लिए पत्र जारी कर दूंगा, आज कर देता हूं, कल कर दूंगा” लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ।
म्हाडा के अधिकारी रोहित शिंदे पर भी आरोप
यह पहली बार नहीं है जब म्हाडा के अधिकारियों पर ऐसी लापरवाही के आरोप लगे हों। अधिकारी रोहित शिंदे पर भी इसी तरह के आरोप है। जब उन्हें सामना नगर, मालवणी गेट नंबर 8 पर अवैध पार्किंग और लोगों की जान जोखिम में डालने की जानकारी दी गई, तो उन्होंने कार्रवाई के बजाय टालमटोल किया। अवैध निर्माण की शिकायत पर मीडिया के दबाव में ही 5 महीने बाद कार्रवाई की गई।
फेडरेशन के कई सदस्यों से रोहित शिंदे ने खुलकर कहा था, “अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं करना चाहते, लेकिन मीडिया के दबाव में करना पड़ रहा है।” इससे साफ जाहिर होता है कि म्हाडा के अधिकारी अवैध कार्यों को लेकर कितने गंभीर हैं। वर्तमान में भी मकाने और शिंदे जैसे अधिकारी फेडरेशन के सदस्यों से “दोस्ती निभाने” में लगे हुए हैं, जबकि आम नागरिकों की सुरक्षा दांव पर है।
निवासियों की गुहार: वाइस प्रेसिडेंट से कार्रवाई की मांग
निवासियों ने म्हाडा के वाइस प्रेसिडेंट संजीव जायसवाल से अपील की है कि मकाने और रोहित शिंदे जैसे “भ्रष्ट अधिकारियों” को तुरंत पद से हटा दिया जाए। साथ ही, फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ अवैध पार्किंग और निर्माण के लिए तत्काल FIR दर्ज की जाए।
एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “इन अधिकारियों की लापरवाही से आज भी रोड ब्लॉक है। यदि कोई हादसा हुआ, तो जिम्मेदारी किसकी? हमारी जान से खिलवाड़ हो रहा है।”
म्हाडा का पक्ष?
म्हाडा की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, म्हाडा ने अतीत में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की है, जैसे 2023 में मालवणी में 9 एकड़ जमीन मुक्त कराई गई थी। लेकिन स्थानीय स्तर पर ऐसी शिकायतों में देरी आम है।
यह मामला म्हाडा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। निवासी अब उच्च अधिकारियों से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
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