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8वां वेतन आयोग: मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी की मांग, कर्मचारी संगठनों ने सरकार को सौंपा प्रस्ताव

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नई दिल्ली, 8 मार्च 2026 – केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर कर्मचारी संगठनों ने कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग मेडिकल भत्ते (Fixed Medical Allowance) में बड़ी बढ़ोतरी की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती स्वास्थ्य लागत को देखते हुए वर्तमान भत्ता पर्याप्त नहीं है, इसलिए इसे बढ़ाया जाना जरूरी है।

मेडिकल भत्ते को 1,000 से बढ़ाकर 20,000 रुपये करने की मांग

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में कई सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस लगभग ₹1,000 प्रति माह मिलता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां CGHS (Central Government Health Scheme) की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि इस राशि को बढ़ाकर ₹20,000 प्रति माह किया जाए ताकि निजी अस्पतालों और दवाइयों के बढ़ते खर्च को पूरा किया जा सके।

कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों और अस्पतालों के पैकेज रेट में काफी वृद्धि हुई है। ऐसे में वर्तमान मेडिकल भत्ता वास्तविक खर्च के मुकाबले बहुत कम है।

CGHS व्यवस्था में भी सुधार की मांग

कर्मचारी संघों ने सिर्फ भत्ते में बढ़ोतरी ही नहीं बल्कि CGHS व्यवस्था में सुधार की भी मांग की है। इसमें शामिल हैं:

  • CGHS के तहत अधिक शहरों में अस्पतालों का विस्तार
  • पैनल अस्पतालों की संख्या बढ़ाना
  • इलाज के पैकेज रेट का समय-समय पर संशोधन
  • ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और ई-रिफरल सिस्टम को सरल बनाना

CGHS केंद्र सरकार के कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज, दवाइयां और डायग्नोस्टिक सुविधाएं प्रदान करने वाली प्रमुख स्वास्थ्य योजना है।

1 करोड़ से अधिक लोगों पर असर

8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के लगभग 45 लाख कर्मचारियों और करीब 68 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और सुविधाओं की समीक्षा करेगा। आयोग की सिफारिशें आने के बाद वेतन संरचना, भत्तों और पेंशन में बदलाव संभव है।

सुझाव भेजने की प्रक्रिया शुरू

सरकार ने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और संगठनों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है, जहां 5 मार्च 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक सुझाव भेजे जा सकते हैं। इन सुझावों के आधार पर आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।

आगे क्या

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर मेडिकल भत्ते में प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है तो यह केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

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