• NC शिकायत में तीन महीने की देरी, अमृता देशमुख और PSI प्रफुल मासाळ पर सवाल..
मुंबई, 15 जुलाई 2025: मालवणी पुलिस स्टेशन में एक गैर-संज्ञेय (NC) शिकायत को दर्ज करने में तीन महीने की देरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारी अमृता देशमुख ने उनकी शिकायत को समय पर दर्ज नहीं किया, जो भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) धारा 155 का उल्लंघन है। X पर @MumbaiPolice और @CMOMaharashtra को टैग करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पुलिस सुधारों की जरूरत फिर से उजागर हुई है।
- • NC शिकायत में देरी का विवाद
दिनांक ११ जनवरी २०२५ को बीएमसी के अधिकारियों द्वारा मालवणी पुलिस को शिकायत की गई, शिकायत के बाद मालवणी पुलिस की अधिकारी अमृता देशमुख को NC फाइल करने में ३ माह लग जाते हैं, और जब इस विषय पर शिकायतकर्ता सवाल करता है तो मैडम भड़क जाती हैं, आपको बता दें कि X पर 10 जुलाई 2025 को @SVNEWS_MAH ने ट्वीट किया कि अमृता देशमुख ने PSI प्रफुल मासाळ के निर्देश पर शिकायत दर्ज की, लेकिन PSI प्रफुल मासाळ ने जवाबदेही से इनकार किया। यह सवाल उठता है कि क्या यह देरी लापरवाही थी या जानबूझकर किसी को “बचाने” की कोशिश थी।
• सोशल मीडिया पर शिकायत, फिर भी निष्क्रियता
शिकायतकर्ता ने X पर @MumbaiPolice और @CMOMaharashtra को टैग कर अपनी शिकायत उठाई, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। यह सर्वोच्च न्यायालय के 2006 के प्रकाश सिंह निर्देशों, विशेष रूप से पुलिस शिकायत प्राधिकरण (PCA) की स्थापना, के अपूर्ण कार्यान्वयन को दर्शाता है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2023 में PCA की प्रभावशीलता की कमी पर टिप्पणी की थी।
• पुलिस सुधारों की चुनौती
2025 की इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस में 28% अधिकारी पद खाली हैं, और प्रति एक लाख जनसंख्या पर केवल 120 पुलिसकर्मी हैं। नए आपराधिक कानून (BNSS, 2023) समयबद्ध जांच का वादा करते हैं, लेकिन मालवणी जैसे मामले इसकी विफलता दर्शाते हैं।
• जनता की मांग: कार्रवाई और सुधार
शिकायतकर्ता ने RTI दाखिल करने और PCA से जांच की मांग की है। यदि समाधान नहीं मिला, तो BNSS धारा 175(3) के तहत मजिस्ट्रेट या बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की योजना है। स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता पुलिस सुधारों, विशेष रूप से PCA की सक्रियता, की मांग कर रहे हैं।
मालवणी का यह मामला पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करता है। जनता की आवाज़ को सुनने के लिए पुलिस को त्वरित कदम उठाने होंगे।
संपर्क: इस मामले से संबंधित जानकारी के लिए sansadvani@gmail.com पर संपर्क करें। मुफ्त कानूनी सहायता के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण (mumbaicity.dlscourts.gov.in) से संपर्क करें।
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