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पुणे के पोर्शे कार केस में नाबालिग के दादा, पिता और मां अब पुलिस की गिरफ्त में हैं. तीनों ने अपने बच्चे को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया. उन्होंने कानून को ताक पर रखकर नाबालिग को बचाने की कोशिश की. अब नाबालिग का कबूलनामा कुछ और इशारा कर रहा है.
महाराष्ट्र के पुणे में पोर्शे कार हादसे का आरोपी नाबालिग, अब बुरी तरह घिरता नजर आ रहा है. उसके पिता, दादा और मां ने उसे बचाने के लिए जालसाजी की लेकिन अब उनकी कलई खुल रही है. शनिवार को पुणे पुलिस ने उससे कुल 17 सवाल किए, जिसमें उसने कहा कि वह नशे में था, उसके कुछ भी याद नहीं है. 17 साल के इस नाबालिग ने 19 मई को दो आईटी इंजीनियरों को अपनी लग्जरी पोर्शे कार से कुचलकर निकल गया था. वह यरवदा के चाइल्ड केयर सेंटर में है. उसे 22 मई से ही रखा गया है.
‘नशे में हूं, कुछ याद नहीं है’
पुलिस ने उससे पूछताछ की तो जवाब मिला कि वह हादसे के दिन नशे में था उसे कुछ भी याद नहीं है. उसके साथ उसकी मां की मौजूदगी में पूछताछ हुई थी. वह हादसे के बारे में कुछ भी याद करके नहीं बता सका. क्राइम ब्रांच के अधिकारी और चाइल्ट प्रोटेक्शन अधिकारियों की मौजूदगी के बाद भी वह कुछ भी ठीक से नहीं बता सका.
‘क्राइम ब्रांच के 17 सवाल, जवाब हर बार सिर्फ 1’
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक नाबालिग ने कुछ भी बताने से इनकार किया. क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमारे अधिकारियों ने नाबालिग से हादसे के वक्त उसकी लोकेशन पूछी, ब्लैक और कूसी क्लब में उसकी मौजूदगी के बारे में सवाल किया, हादसे पर सवाल किया, साक्ष्यों को तोड़ने पर सवाल किया, ब्लड सैंपल पर हेरफेर को लेकर सवाल किया लेकिन हर सवाल पर उसने चुप्पी ही साधे रखी. उसने कहा कि वह नशे में था.’
हादसे के दिन 48,000 की गटकी शराब!
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नाबालिग और उसके दोस्तों ने दो पबों में 48,000 रुपये की शराब गटक ली थी. पुलिस ने कुछ दिन पहले उसके साथ कार में सवार नाबालिगों से पूछताछ की थी. पोर्शे कार केस में नाबालिग को बचाने के लिए घरवालों ने जमकर कानून का उल्लंघन किया है. इस केस में नाबालिग के ब्लड सैंपल से भी छेड़छाड़ की है.
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