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मालाड: मालाड वेस्ट के इनऑर्बिट मॉल रोड पर इन दिनों एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है। यहाँ सड़क के दोनों ओर बड़ी-बड़ी प्राइवेट बसों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे न केवल आम नागरिकों को चलने में परेशानी हो रही है, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है।
संसद वाणी का तीखा सवाल
संसद वाणी की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे इन बसों ने सड़क के एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर रखा है। हमारा सवाल उन बस मालिकों से है: “जब आपके पास लग्जरी बसें खरीदने के लिए लाखों-करोड़ों रुपये हैं, तो बस खड़ी करने के लिए निजी पार्किंग की जगह खरीदने के पैसे क्यों नहीं हैं?”
ऐसा प्रतीत होता है कि बस संचालकों ने यह मान लिया है कि बसें खरीदकर व्यापार तो उन्हें ही करना है, और पार्किंग के लिए सरकार ने मुफ्त में ‘सड़क’ उपलब्ध करा ही दी है।
मुंबई RTO और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल
यह दृश्य केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि यह रोज़ का हाल है। सबसे बड़ा सवाल मुंबई RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) और स्थानीय ट्रैफिक विभाग से है:
- क्या अधिकारियों को रोज़ाना सड़क पर खड़ी ये बसें नज़र नहीं आतीं?
- इतने बड़े पैमाने पर हो रहे इस अवैध पार्किंग के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
- क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है?
कार्रवाई की मांग
हम मांग करते हैं कि प्रशासन तत्काल इनऑर्बिट मॉल रोड का निरीक्षण करे और नियम तोड़ने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे। सड़कों को पार्किंग स्टैंड बनने से रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है ताकि आम जनता को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके।
संसद वाणी की टीम इस मुद्दे पर नज़र बनाए हुए है। क्या प्रशासन जागेगा या यह अवैध कब्जा ऐसे ही जारी रहेगा?