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क्रेन से उठाकर, कटर से काटकर हो रहा रेस्क्यू, विचलित कर रहा कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन हादसा

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Kanchanjunga Express Train Accident: पश्चिम बंगाल में हुए कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन हादसा इतना भयानक था जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. कटर से डिब्बों के पार्ट को काटकर, रस्सी से खींचकर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है. रेस्क्यू ऑपरेशन की निकलकर आ रही तस्वीरें किसी को भी विचलित कर सकती है. इस हादसे में किसी ने बेटे, किसी ने मां किसी ने भाई तो किसी ने प्रेमी को खो दिया है. 

Kanchanjunga Express Train Accident: भारतीय रेलवे के इतिहास के पन्नों में आज का दिन काले पन्ने की तरह दर्ज हो गया है. असम के सिलचर से रवाना हुई कंचनजंगा एक्सप्रेस कोलकाता के सियालदह जा रही थी. ट्रेन बंगाल में एंट्री कर चुकी थी. ट्रेन में बैठे यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने का इंतजार कर रहे थे. कोई अपने मां से मिलने, कोई प्रेमिका से मिलने जाने के लिए तो कोई घूमने के उद्देश्य से इस ट्रेन से यात्रा कर रहा था. ये यात्रा अधूरी रह गई. ट्रेन रंगापानी और निजबाड़ी के समीप पहुंची थी. तभी अचानक बड़ा हादसा हो गया. पीछे आ रही मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस (13174) को टक्कर मार दी. इस टक्कर ने कई जिंदगियों को उनके परिवार वालों से अलग कर दिया. किसी के मां का रो रोकर बुरा हाल है तो किसी के बेटी/बेटा का अपने माता-पिता के लिए आंसुओं की धार निकल रही है. ये हादसा कितना भयावह इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि रेस्क्यू ऑपरेशन में रस्सी से खींचकर, कटर से काटकर, क्रेन से उठाकर ट्रेन के डिब्बों को अलग करके घायलों और मृतकों को निकाला जा रहा है.

रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें बता रही हैं कि इस ट्रेन हादसे में मरने वाले लोगों के परिजनों पर क्या बीत रही होगी. बिलख-बिलख कर परिजनों का हाल बेहाल हो चुका है. इस खबर को लिखे जाने तक 9 लोगों की मौत की खबर सामने आ चुके हैं. घायलों की संख्या 60 से ज्यादा पहुंच गई है.

हादसे को शब्दों में बयां करना मुश्किल

इस दर्दनाक ट्रेन हादसे को लेकर स्थानीय लोगों ने अपनी आंखों देखी बयां की. उन्होंने बताया कि हादसे इतना भयंकर था कि हम उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते. निजबाड़ी से कुछ दूर पहले कंचनजंगा ट्रेन खड़ी थी तभी पीछे से मालगाड़ी ने टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेन की बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गई एक डिब्बा तो हवा में ही उड़ गया.  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विपक्ष के बड़े नेताओं ने इस दर्दनाक हादसे को लेकर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की. युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. रेस्क्यू की तस्वीरें निकलकर सामने आ रही है वो आपको विचलित कर सकती है. 

रेलवे द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर

इस ट्रेन हादसे में अपने संबंधियों के बारे में जानकारी के लिए रेलवे द्वारा जारी किए गए निम्नलिखित नंबर पर कॉल किया जा सकता है.

कंचनजंगा ट्रेन टक्कर के संबंध में सियालदह में हेल्प डेस्क नंबर

033-23508794

033-23833326

हेल्पलाइन नंबर गुवाहाटी रेलवे स्टेशन

03612731621

03612731622

03612731623

लुमडिंग जंक्शन हेल्पलाइन नंबर

03674263958

03674263831

03674263120

03674263126

03674263858   

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