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How To Reach Vivekananda Rock Memorial: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई की शाम से 1 जून की शाम तक ध्यान मंडपम में दिन-रात ध्यान करेंगे. अगर आप भी विवेकानन्द रॉक मेमोरियल जाने का सोच रहे हैं तो इन बातों का जरूर ध्यान दें.
30 मई से 1 जून तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के कन्याकुमारी में फेमस विवेकानंद रॉक मेमोरियल का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान वह लोकसभा चुनाव अभियान के समापन पर ध्यान करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई की शाम से 1 जून की शाम तक ध्यान मंडपम में दिन-रात ध्यान करेंगे जहां स्वामी विवेकानंद ने ध्यान किया था. विवेकानंद रॉक मेमोरियल केवल टूरिस्ट स्पॉट नहीं है बल्कि तीर्थ स्थल भी है.
अगर आप भी कन्याकुमारी जाने की योजना बना रहे हैं और इस खूबसूरत विवेकानंद रॉक मेमोरियल (Vivekananda Rock Memorial) के बारे में जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को जरूर पढ़े. क्योंकि हम आपको विवेकानंद रॉक मेमोरियल की यात्रा के बारे में जानने के लिए हर चीज के बारे में बताएं.
एंट्री फीस
विवेकानंद रॉक मेमोरियल हर दिन सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक खुला रहता है. भीड़ से बचने और विवेकानंद रॉक मेमोरियल से शानदार सूर्योदय देखने के लिए सुबह जल्दी जाने की सलाह दी जाती है. बड़ों के लिए टिकट की कीमत रु. 20 और बच्चों (3-12 साल की आयु) के लिए यह रु. 10 रुपये है. वहीं, 3 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोई एंट्री फीस नहीं है.
कैसे पहुंचे
विवेकानंद रॉक मेमोरियल तक पहुंचना अपने आप में एक मेहनत का काम है. यहां पहुंचने के लिए एक फैरी की सवारी की आवश्यकता होती है. फेरी सेवा सुबह 8:00 बजे शुरू होती है और शाम 4:00 बजे तक चलती है. द्वीप तक पहुंचने में लगभग 10 मिनट लगते हैं और आने-जाने का किराया 34 रुपये है.
इन बातों का रखें ध्यान
भीड़ से बचने और स्पॉट से सूर्योदय देखने का मौका पाने के लिए सुबह जल्दी अपनी यात्रा की योजना बनाएं.आरामदायक जूते पहनें क्योंकि स्मारक तक जाने के लिए खड़ी सीढ़ियां हैं.पानी की बोतल अपने साथ रखें क्योंकि मेमोरियल पर कोई दुकान नहीं हैं. स्मारक पर फोटोग्राफी की अनुमति है, इसलिए उन शानदार नजारे को कैद करना न भूलें. इसके साथ मौन रहकर और गंदगी न फैलाकर स्थान की पवित्रता का सम्मान करें.
यहां जरूर घूमें
अगर आप विवेकानंद रॉक मेमोरियल आते हैं तो विवेकानन्द मंडपम जो एक ध्यान कक्ष है जिसमें स्वामी विवेकानन्द की उनकी प्रसिद्ध मुद्रा – ‘परिव्राजक’ में कांस्य प्रतिमा है उसे जरूर देखें. वहीं, श्रीपाद मंडपम यात्रा करने के लिए एक और दिलचस्प जगहों में से एक है. ऐसा माना जाता है कि देवी कन्याकुमारी ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए तपस्या की थी. विवेकानंद रॉक मेमोरियल के अलग-अलग स्पॉट को देखने के बाद आप चट्टानी द्वीप के चारों ओर घूम सकते हैं खूबसूरत नजारों का मजा ले सकते हैं.
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