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संवाददाता :- सुशील चौरसिया
वाराणसी/संसद वाणी : बीएचयू के सर सुंदरलाल चिकित्सालय में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ खेमचंद सैनी की अचानक ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो गई। उसके साथी नर्स अस्पताल प्रशासन पर शोषण का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। आज उनके धरने का दूसरा दिन हैं। रविवार को सायंकाल आईएमएस निदेशक ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर समस्याओं को हल करने का आश्वासन दिया जिसपर बात नहीं बनी।
अस्पताल प्रशासन पर लगाया आरोप
नर्सिंग स्टाफ का आरोप था कि उनसे जबर्दस्ती नियम विरुद्ध निर्धारित समय से अधिक 10-10 घंटे काम लिया जाता है। सप्ताह में एक दिन भी अवकाश नहीं दिया जाता, इससे वे अपना कोई भी व्यक्तिगत कार्य समय से नहीं कर पा रहे। ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग भी नहीं करने दिया जाता। एक नर्सिंग स्टाफ से 17 से 20 बेडों पर अकेले काम लिया जाता है। वार्डों में स्टाफ के लिए अलग से यूरिनल तक की व्यवस्था नहीं है। शिकायत करने पर इंक्रीमेंट रोक देने की धमकी दी जाती है।
ये हैं प्रमुख मांग
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आश्रित परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर समकक्ष पद पर नौकरी दी जाए।
मृत स्टाफ के बच्चों के लिए निश्शुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जाए।
बीएचयू प्रशासन खेमचंद के पार्थिव
शरीर को उनके मूल निवास स्थान राजस्थान तक निश्शुल्क पहुंचाने की व्यवस्था करे।
नर्सिंग ग्रीवांस समिति की वार्षिक समीक्षा की जाए।
मृत खेम सिंह को उनकी ज्वाइनिंग ड्यूटी से अब तक कन्फर्म माना जाए।
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