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राजकोट के ‘गेमिंग जोन’ में झुलसे 28 लोग; सरकार के लिए मासूमों की जान की कीमत 4 लाख रुपये, जानें देश के अन्य राज्यों का हाल?

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Rajkot Gaming Zone Fire: गुजरात के राजकोट में गेमिंग जोन में आग लगने से 28 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा राशि देने का ऐलान किया गया है.

गुजरात के राजकोट में कालावड रोड पर टीआरपी गेमज़ोन में आग लगने से 28 लोगों की मौत हो गई. आग के लिए गेमिंग जोन के मालिक और मैनेजर को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. कहा जा रहा है कि उनकी लापरवाही से किसी ने अपने बेटे-बेटी तो किसी ने अपने भाई-बहन और किसी ने अपने पोते-पोती को खो दिया.

हादसे के बाद अधिकारियों और नेताओं, मंत्रियों का घटनास्थल पर पहुंचना जारी है. कुछ नेताओं ने अपने स्तर से पड़ताल भी की है और अपने एजेंडे के मुताबिक मुआवजा और कार्रवाई की मांग की है. हालांकि, हादसे के बाद गुजरात सरकार ने मृतकों के आश्रितों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार की मदद का ऐलान किया है. गुजरात में अगर लापरवाही से किसी की मौत हो जाए तो सरकार की ओर से मृतक के आश्रितों को 4 लाख रुपये ही मिलते हैं, यानी गुजरात सरकार के लिए इंसानों की जान कीमत सिर्फ 4 लाख रुपये ही है, जबकि महाराष्ट्र इस तरह की मौत पर 10 लाख रुपये और पंजाब में 5 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है.

मोरबी हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ था

सिस्टम की लापरवाही के कारण मोरबी में 134 लोगों की जान चली गई थी. जैसे-जैसे राहत-बचाव काम चल रहा था, मृतकों की संख्या में इजाफा हो रहा था. हादसे के बाद गुजरात सरकार ने मृतक के आश्रितों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलानकिया. राज्य सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया गया. वहीं, केंद्र सरकार ने भी मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये देने का ऐलान किया था.

गुजरात में पिछले कुछ सालों में हुए हादसों पर नजर, जिनमें मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख की मुआवजा राशि मिली

30 अक्टूबर 2023: मोरबी सस्पेंशन ब्रिज हादसे में 134 लोगों की जान चली गई.

21 अक्टूबर 2022: केदारनाथ हेलिकॉप्टर हादसे में गुजरात के 3 लोगों की मौत हो गई थी. 

04 अक्टूबर 2022: वडोदरा के दर्जीपुरा एसफोर्स के पास ट्रक और कंटेनर की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई थी.

12 मई 2022: मोरबी के हलवद में एक नमक फैक्ट्री की दीवार गिरने से 12 श्रमिकों की मौत हो गई थी.

08 मई 2022: मोरबी मालिया हाईवे पर हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई थी.

21 नवंबर 2021: गोंडल के पास एक कार दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो गई थी.

18 मई 2021: ताउते चक्रवात में मरने वाले 45 लोगों को सरकार ने 4 लाख रुपये की सहायता दी थी.

01 मई 2021: भरूच अस्पताल में आग लगने से 16 मरीजों की मौत हो गई थी.

04 नवंबर 2020: अहमदाबाद के पिराना-पिपलज रोड पर नानूकाका एस्टेट में एक कपड़ा गोदाम में विस्फोट के बाद लगी भीषण आग में 10 लोगों की मौत हो गई थी.

24 मई 2019: सूरत के तक्षशिला आर्केड में आग लगने की घटना में 22 छात्रों की मौत हो गई थी.

06 मार्च 2018: भावनगर के रंगहोला गांव के पास जनैया हादसे में 31 लोगों की मौत की घटना में सरकार ने 4 लाख रुपये की सहायता दी थी.

मुख्यमंत्री राहत कोष से दी जाती है मुआवजा राशि

आमतौर पर जब भी राज्य सरकार की ओर से किसी हादसे में मुआवजा राशि की घोषणा की जाती है, तो इसका भुगतान मुख्यमंत्री राहत कोष से किया जाता है. गुजरात सरकार की ओर से ये रकम अधिकतम 4 लाख तय की गई है. पहले यह राशि कम थी, जिसे सरकार की ओर से नियमों में संशोधन कर बढ़ाया गया था. 

आइए, जानते हैं कि देश के अन्य राज्यों में किसी हादसे के शिकार मृतकों को कितनी राशि मिलती है?

महाराष्ट्र: 08 जनवरी 2021 को भंडार जिला सामान्य अस्पताल में सिंक न्यूबॉर्न केयर यूनिट में आग लगने की घटना में 10 बच्चों की मौत हो गई. मृतक बच्चों के परिवार को 5 लाख और घायलों को 1 लाख रुपये दिए गए.

उत्तर प्रदेश: 01 अक्टूबर 2022 को कानपुर के घाटमपुर में श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली झील में पलट जाने से 27 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और लगभग 25 घायल हो गए. मृतकों के परिवारों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार दिए गए.

मध्य प्रदेश: 16 फरवरी 2021 को मध्य प्रदेश में एक बस दुर्घटना में 45 यात्रियों की मौत हो गई, 7 लोग घायल हो गए. मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को एक लाख रुपये दिए गये.

पंजाब: 20 अक्टूबर 2018 को पंजाब के अमृतसर में एक बड़े रेल हादसे में 60 यात्रियों की मौत हो गई. जबकि 51 लोग घायल हो गए. पंजाब सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख रुपये की मदद दी.

हिमाचल प्रदेश: 11 अक्टूबर 2021 को किन्नौर जिले में सांगला-छितकुल मार्ग पर एक बस दुर्घटना में 18 पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए. मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 25 हजार रुपये दिए गए.

तमिलनाडु: 27 अप्रैल 2022 को तुंजापुर जिले में एक मंदिर की पालकी ट्रांसमिशन तार से टकरा जाने से 11 श्रद्धालुओं की मौत हो गई. मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये दिए गए.

पश्चिम बंगाल: 31 मार्च 2016 को कोलकाता में गिरीश पार्क फ्लाईओवर ढहने की घटना में 24 लोगों की मौत हो गई, जबकि 85 लोग घायल हो गए. मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख रुपये और मामूली चोटों वाले लोगों को 1 लाख रुपये की सहायता दी गई.

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